मै बल्ब और तू ट्यूबलाइट सखी ।
मै पीला पीला सा प्रकाश तू भकाभक दिन सा उजास
मै आम पीलिया का मरीज तू गोरी चिट्ठी मेम खास
मै खर पतवार अवाछिंत सा तू पुजा की है दूब सखी
मै बल्ब और तू ट्यूबलाइट सखी ।
तेरी मेरी ना समता कुछ तेरे आगे ना जमता कुछ
मै तो साधारण सा लट्टू मुझमे ज्यादा ना क्षमता कुछ
मेरी तो दिवानी दुनिया मुझसे सब जाते ऊब सखी
मै बल्ब और तू ट्यूबलाइट सखी ।
कम वोल्टेज में तू ना जले तब ही मेरी कुछ दाल गले
वरना मेरी है पूछ कहाँ हर जगह तुझे ही मान मिले
हूँ साईज मे भी मैं हैठा, तेरी हाईट क्या खूब सखी ।
मै बल्ब और तू ट्यूब सखी
बिजली का तेरा खर्चा कम लेकिन लाईट मे कितना दम
सोनिये इलैक्शन बिना लडे ही जीत जाए तू खुदा कसम
नैया मेरी मझंधार पडी लगता जाएगी डूब सखी
मै बल्ब और तू ट्यूब सखी
तू मंहगी हैं मैं सस्ता हूँ , तू चांदी तो मै जस्ता हूँ
इठलाती है तू अपने पर लेकिन मैं खुद पर हंसता हूँ
मै कभी नहीं बन पाऊंगा तेरे दिल का महबूब सखी
मै बल्ब और तू ट्यूब सखी